आंकड़ों पर जोर: 4 भारतीय क्रिकेटर स्पॉट फिक्सिंग में दोषी! ICC ने लिया बड़ा फैसला, अब क्या होगा?
Fixing In Cricket एक बार फिर क्रिकेट के जेन्टलमैन गेम की छवि पर सवाल खड़े कर रही है। भारतीय घरेलू क्रिकेट में मैच फिक्सिंग का एक नया मामला सामने आया है, जिसमें असम के चार घरेलू क्रिकेटर्स को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इस कार्रवाई की पुष्टि खुद असम क्रिकेट एसोसिएशन (ACA) के सचिव सनातन दास ने की है।
शुक्रवार को जानकारी देते हुए सनातन दास ने बताया कि फिक्सिंग से जुड़े इस मामले में जिन खिलाड़ियों को सस्पेंड किया गया है, उनके नाम अमित सिन्हा, ईशान अहमद, अमन त्रिपाठी और अभिषेक ठाकुरी हैं। ये सभी खिलाड़ी अलग-अलग स्तर पर असम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। आरोप है कि ये चारों क्रिकेट में भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल थे और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के दौरान कुछ खिलाड़ियों को प्रभावित करने और उकसाने की कोशिश कर रहे थे।
Fixing In Cricket के इस गंभीर मामले के सामने आते ही BCCI की एंटी-करप्शन यूनिट ने जांच शुरू की। जांच के बाद ACA ने न सिर्फ इन खिलाड़ियों को सस्पेंड किया, बल्कि उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। असम क्रिकेट एसोसिएशन ने गुवाहाटी की क्राइम ब्रांच में चारों क्रिकेटर्स के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है।
इस पूरे घटनाक्रम पर BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि क्रिकेट में किसी भी तरह की फिक्सिंग या भ्रष्टाचार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि असम के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके रियान पराग भी खेलते हैं, लेकिन जिन चार खिलाड़ियों पर Fixing In Cricket के आरोप लगे हैं, वे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में असम के आधिकारिक स्क्वाड का हिस्सा नहीं थे। फिर भी यह घटना घरेलू क्रिकेट की पारदर्शिता पर एक गंभीर सवाल जरूर खड़ा करती है।
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